Wednesday, 17 October 2012

आईआईएम में दाखिले की परीक्षा ढांचे में बदलाव की कवायद

देश के भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के छात्रों के हावी रहने के चलन को देखते हुए आईआईएम ने कैट परीक्षा के ढांचे में कुछ बदलाव की योजना बनाई है ताकि इनमें सभी संकाय के छात्रों को व्यापक प्रतिनिधित्व मिल सके कैट 2012 के संयोजक और आईआईएम कोझीकोड के प्रोफेसर एसएस कुमार ने कहा कि साझा प्रवेश परीक्षा (कैट) पर नए सिरे से विचार किया जा रहा है। ऐसे कुछ बदलावों पर विचार किया जा रहा है जो अन्य संकाय के छात्रों के लिए मददगार हो सके। उन्होंने हालांकि इस योजना का ब्यौरा देने से इंकार करते हुए कहा कि योजना पर अभी भी चर्चा चल रही है।

कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि कैट परीक्षा देने वाले छात्रों में से 67 प्रतिशत इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं। कैट परीक्षा के लिए 2,14,068 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। आईआईएम कोझीकोड के निदेशक देवाशीष चटर्जी ने कहा कि इस योजना का मकसद संस्थान में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं का समावेश करना है। आईआईएम के साथ मिलकर कैट परीक्षा का आयोजन करने वाले प्रोमेट्रिक इंडिया के प्रबंध निदेशक सौमित्र राय ने कहा कि परीक्षा अलग अलग दिन छह नवंबर तक आयोजित की जा रही है।आईआईएम से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस बार कैट परीक्षा में कुछ दिलचस्प बातें सामने आई हैं। परीक्षा देने वाले छात्रों में 17,000 छात्र ऐसे हैं जिनके पास दो से तीन वर्षों का कार्यानुभव है। इस बार परीक्षा में कृषि और स्थापत्य पृष्ठभूमि के छात्रों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि मानविकी संकाय से परीक्षा में उपस्थित होने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष के 3,780 से घटकर इस साल 3404 रह गई है। इस साल कैट परीक्षा में 486 डाक्टर बैठ रहे हैं पिछले वर्ष जिनकी संख्या 566 थी।

श्रेणीवार पंजीकरण को देखने पर यह बात सामने आई है कि ओबीसी श्रेणी के छात्रों की भागीदारी 17.3 प्रति दर्ज की गई जबकि अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों की 5 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के छात्रों की भागीदारी 7.4 प्रतिशत दर्ज की गई। महाराष्ट्र से सबसे अधिक 31,040 छात्रों ने कैट परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है जबकि उत्तर प्रदेश से 25,270 छात्र और दिल्ली से 21,507 छात्रों ने पंजीकरण कराया। परीक्षा के दौरान कुछ केंद्र पर व्यवधान उत्पन्न होने के बारे में पूछे जाने पर रॉय ने कहा कि इन मुद्दों से निपटने के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है ताकि छात्रों को कम से कम असुविधा हो।

Source - Hindustan